केंद्र सरकार ने गूगल की भारत के शहरों, पर्यटन स्थलों, पहाड़ी क्षेत्रों, नदियों को स्ट्रीट-व्यू एप में लाने की योजना को खारिज कर दिया है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति इस एप के माध्यम से संबंधित जगह और सड़क का 360 डिग्री पैनोरामिक व्यू देख सकता है। गृह मंत्रालय की ओर से गुरुवार को यह जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि सुरक्षा एजेंसियां गूगल की इस योजना को लेकर चिंतित थीं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों व रक्षा बलों के विस्तृत विश्लेषण के किया गया है।
ऐसा मााना जाता है कि 2008 में मुंबई में आतंकी हमले से पहले पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली ने निशाना बनाने वाली जगहों की तस्वीर ली थी और आतंकियों ने उसका इस्तेमाल किया था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि गूगल को भारत के विभिन्न शहरों, स्थानों, नदियों आदि को तस्वीर के माध्यम से एप में डालने से देश के सुरक्षा हितों के साथ समझौता होगा। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रस्तावित भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक, 2016 के अमल में आने के बाद इंटरनेट आधारित एप से जुड़े मुद्दों का समाधान हो जाएगा। Google Street View will not be used in India

गूगल चाहती थी भारत के ज्यादातर क्षेत्रों काे कवर करना : 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी गूगल चाहती है कि वह अपने स्ट्रीट-व्यू एप के तहत भारत के ज्यादातर क्षेत्रों को कवर करे। यह एप अमेरिका, कनाडा, यूरोप के कई देशों में काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन भारत में शुुरुआत में इसे कुछ ही जगहों के लिए अनुमति दी गई है। फिलहाल प्रयोग के आधार पर गूगल ने पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साथ मिलकर देश के कुछ पयर्टन स्थलों को स्ट्रीट व्यू के तहत कवर किया है। इनमें ताजमहल, लाल किला, कुतुब मीनार, वाराणसी के घाट, नालंदा विश्वविद्यालय, मैसूर पैलेस, तंजावूर मंदिर, चिन्नास्वामी स्टेडियम शामिल हैं।

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