अरविंद केजरीवाल (arvind kejriwal Aam Aadmi Party)आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का जन्म मध्यवर्गीय परिवार में 16 अगस्त 1968 को Bhiwani district, Haryana जन्मे CM के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान वह 28  दिसम्बर 2013 से 14 फ़रवरी 2014 तक पहली बार 49 दिन तक मुख्य्मंत्री पद पर रहे फिर
Delhi 7वें मुख्यमन्त्री के रूप में 49 दिन की अल्पमत सरकार चलाने के बाद उन्होंने त्यागपत्र दे दिया, पदत्याग की वजह अल्पमत में होने की वजह से अपने चुनावी वायदे के अनुसार जनलोकपाल बिल विधानसभा में पारित नहीं करवा पाना बताया साल भर के राष्ट्रपति शासन के बाद फरवरी 2015 के चुनावों में उनकी पार्टी ने भारी बहुमत हासिल किया तथा 14 फरवरी 2015 को वे दोबारा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए
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प्रारंभिक जीवन- 
1989 में IIT Kharagpur से यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में, 1992  में वे भारतीय नागरिक सेवा (ICS) के एक भाग, भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में आ गए और उन्हें दिल्ली में आयकर आयुक्त कार्यालय में नियुक्त किया गया नवम्बर 1994 में आईआरएस के प्रशिक्षण के दौरान वह सुनीता से विवाह बंधन में बंध गए,

जनवरी 2000 में, उन्होंने काम से विश्राम लिया और दिल्ली आधारित एक नागरिक आन्दोलन-परिवर्तन की स्थापना की, जो एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए काम करता है। इसके बाद, फरवरी 2006 में, उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरे समय के लिए सिर्फ 'परिवर्तन' में ही काम करने लगे अरुणा रॉय, गोरे लाल मनीषी और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर, उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के लिए अभियान शुरू किया, जो जल्दी ही एक मूक सामाजिक आन्दोलन बन गया, दिल्ली में सूचना अधिकार अधिनियम को 2001 में पारित किया गया और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसद ने 2005 में सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) को पारित कर दिया।

इसके बाद, जुलाई 2006 में, उन्होंने पूरे भारत में आरटीआई के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया। दूसरों को प्रेरित करने के लिए अरविन्द ने अब अपने संस्थान के माध्यम से एक आरटीआई पुरस्कार की शुरुआत की है। सूचना का अधिकार गरीब लोगों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही आम जनता और पेशेवर लोगों के लिए भी यह उतना ही महत्वपूर्ण है। आज भी कई भारतीय सरकार के निर्वाचन की प्रक्रिया में निष्क्रिय दर्शक ही बने हुए हैं। अरविंद सूचना के अधिकार के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को अपनी सरकार से प्रश्न पूछने की शक्ति देते हैं। अपने संगठन परिवर्तन के माध्यम से वे लोगों को प्रशासन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करते हैं। आरटीआई को आम नागरिक के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बनने में लम्बा समय लगेगा। हालांकि अरविन्द ने हमें दिखा दिया है कि वास्तव में इसके लिए एक सम्भव रास्ता है

राजनीति में कदम

सन् 2010 को पहला कदम बाबा रामदेव जी के नेतृत्व में भारत स्वाभिमान अन्दोलन के द्वारा आयोजित दिल्ली के जंतर मंतर पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रदर्शन में शामिल हुए जिसमे अन्ना हजारे किरण बेदी अग्निवेश और कुछ संगठन भी शामिल रहे दिल्ली की तत्कालीन मुख्य मंत्री शीला दीक्षित के विरुद्ध 200 से ज्यादा पेजों की रिपोर्ट इसी प्रदर्शन में केजरीवाल जी लहराते थे ... खैर इसके बाद 5  अप्रेल2011 को स्वयं इनके संगठन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे से आमरण अनशन करवाया वहां भी स्वामी रामदेव के अनुयायियों भारत स्वाभिमान आन्दोलन के कार्यकर्ताओं ने भरपूर सहयोग दिया

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