आप पूजा पाठ हर दिन करते ही होंगे नहीं तो अच्छी बाते सुनते होने या पढ़े लिखे होंगे अच्छे ऑफिस में जॉब करते ही होगे पर जरा गोर करे क्या आप सुखी है?....नहीं तो ध्यान दे

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद अमृत पिलाने से क्या फ़ायदा ।
कभी गिरते हुए को उठाया नहीं, बाद आंसू बहाने से क्या फ़ायदा ॥....... 


मैं तो मंदिर गया, पूजा आरती की, पूजा करते हुए यह ख़याल आ गया ।
कभी माँ बाप की सेवा की ही नहीं, सिर्फ पूजा के करने से क्या फ़ायदा ॥....... 


मैं तो सतसंग गया, गुरु वाणी सुनी, गुरु वाणी को सुन कर ख्याल आ गया ।
जनम मानव का ले के दया ना करी, फिर मानव कहलाने से क्या फ़ायदा ॥....... 

मैंने दान किया मैंने जप तप किया दान करते हुए यह ख्याल आ गया ।
कभी भूखे को भोजन खिलाया नहीं दान लाखों का करने से क्या फ़ायदा ॥....... 


गंगा नहाने हरिद्वार काशी गया, गंगा नहाते ही मन में ख्याल आ गया ।
तन को धोया मनर मन को धोया नहीं फिर गंगा नहाने से क्या फायदा ॥....... 


मैंने वेद पढ़े मैंने शास्त्र पढ़े, शास्त्र पढते हुए यह ख़याल आ गया ।
मैंने ज्ञान किसी को बांटा नहीं, फिर ग्यानी कहलाने से क्या फ़ायदा ॥....... 



माँ पिता के ही चरणों में ही चारो धाम है, आजा आजा यही मुक्ति का धाम है ।

पिता माता की सेवा की ही नहीं फिर तीर्थों में जाने का क्या फ़ायदा

check que?.ans

इस कमेंट्स बॉक्स में आपके मन में कोई सवाल हो तो पूछे उचित जवाब देने का हमारा प्रयास रहेगा..