प्रसिद्ध भारतीये वैज्ञानिक के रूप में विख्यात रहे कलाम साहब का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम था... डॉ. कलाम साब भारत के 11वें राष्ट्रपति थे इनकी लोकप्रियता अंतिम सांस तक कम नहीं हुई आज हम देश के उस महान वैज्ञानिक के जीवन के बारे में जानेंगे -

Avul Pakir Jainulabdeen "A. P. J." Abdul Kalam
जन्मे: 15 अक्टूबर, 1931, रामेश्वरम
पिछला कार्यालय: भारत के राष्ट्रपति (2002-2007)
पुरस्कार: भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, और अधिक
शिक्षा: प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (1955-1960), सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली (1954)
मृत्यु: 27 जुलाई, 2015, शिलांग
धर्म: इस्लाम
सिनेमा: Ek Aadat
विशेषताएँ:  लेखक, प्रोफेसर, वैज्ञानिक एयरोस्पेस इंजीनियर

2000 वर्षों के इतिहास में भारत पर 600 वर्षों तक अन्य लोगों ने शासन किया है। यदि आप विकास चाहते हैं तो देश में शांति की स्थिति होना आवश्यक है और शांति की स्थापना शक्ति से होती है। इसी कारण प्रक्षेपास्त्रों को विकसित किया गया ताकि देश शक्ति सम्पन्न हो।
डॉ. अब्दुल कलाम
धनुषकोडी गाँव रामेश्वरम तमिलनाडु में 15 अक्टूबर 1931 को मध्यम वर्ग मुस्लिम परिवार में जन्म हुआ डॉ.कलाम के पिता जैनुलाब्दीन ज़्यादा पढ़ेलिखे नहीं थे मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे परिवार की सदस्य संख्या का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि यह स्वयं पाँच भाई एवं पाँच बहन थे और घर में तीन परिवार रहा करते थे अब्दुल कलाम के जीवन पर इनके पिता का बहुत प्रभाव रहा वे भले ही पढ़े नहीं थे लेकिन उनकी लगन और उनके दिए संस्कार अब्दुल कलाम के बहुत काम आए 5 वर्ष की अवस्था में रामेश्वरम के पंचायत प्राथमिक विद्यालय में उनका दीक्षा संस्कार हुआ था, उनके शिक्षक इयादुराई सोलोमन ने उनसे कहा था कि जीवन मे सफलता तथा अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए तीव्र इच्छा, आस्था, अपेक्षा इन तीन शक्तियो को भलीभाँति समझ लेना और उन पर प्रभुत्व स्थापित करना चाहिए

डॉक्टर ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम और मिसाइल मैन व जनता के राष्ट्रपति के नाम से जाना जाता है,
ऐसा कहा जाता है कि वे क़ुरान और भगवद् गीता दोनों का अध्ययन करते थे डॉक्टर कलाम अपने व्यक्तिगत जीवन में पूरी तरह अनुशासन का पालन करने वालों में से थे कलाम ने कई स्थानों पर उल्लेख किया है कि वे तिरुक्कुरल का भी अनुसरण करते हैं उनके भाषणों में कम से कम एक कुरल का उल्लेख अवश्य रहता था भारत को महाशक्ति बनने की दिशा में कदम बढाते देखना उनकी दिली चाहत थी राजनीतिक स्तर पर कलाम की चाहत थी कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका विस्तार हो और भारत ज्यादा से ज्याद महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाये उन्होंने कई प्रेरणास्पद पुस्तकों की भी रचना की थी और वे तकनीक को भारत के जनसाधारण तक पहुँचाने की हमेशा वक़ालत करते रहे वह भारतीय अन्तरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति भी थे बच्चों और युवाओं के बीच डाक्टर क़लाम अत्यधिक लोकप्रिय थे

ए.पी.जे अब्दुल कलाम की उपलब्धियां
  • डॉक्टर अब्दुल कलाम को प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (एस.एल.वी. तृतीय) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल है. 
  • जुलाई 1980 में इन्होंने रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के निकट स्थापित किया था. 
  • ए.पी.जे अब्दुल कलाम ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर विस्फोट भी परमाणु ऊर्जा के साथ मिलाकर किया. इस तरह भारत ने परमाणु हथियार के निर्माण की क्षमता प्राप्त करने में सफलता अर्जित की.
  • डॉक्टर कलाम ने भारत के विकास स्तर को 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक करने के लिए एक विशिष्ट सोच भी प्रदान की
APJ Abdul Kalam को दिए गए सम्मान 

ए.पी.जे अब्दुल कलाम को विज्ञान के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत के नागरिक सम्मान के रूप में 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण, 1997 में भारत रत्न प्रदान किए गए. ए.पी.जे अब्दुल कलाम एक सामान्य परिवार से संबंधित असमान्य शख्सियत के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने एरोनॉटिकल क्षेत्र में भारत को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है. अब्दुल कलाम भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो अविवाहित होने के साथ-साथ वैज्ञानिक पृष्ठभूमि से राजनीति में आए है. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉक्टर जाकिर हुसैन के बाद यह एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्हें भारत रत्न मिलने का सम्मान राष्ट्रपति बनने से पूर्व ही प्राप्त हो गया था.

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